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Foreign Travellers in Ancient India (NCERT Class 12 History)

प्राचीन भारत में आए विदेशी यात्री, NCERT इतिहास 

(NCERT कक्षा 12 इतिहास)

इतिहास केवल राजाओं और युद्धों की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की भी कहानी है जो दूर-दूर देशों से भारत आए और यहाँ की सभ्यता, संस्कृति, शिक्षा, व्यापार, धर्म और समाज को अपनी आँखों से देखकर लिख गए।

विदेशी यात्रियों के यात्रा-वृत्तांत इतिहासकारों के लिए इसलिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे उस समय के भारत की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। कई बार जो बातें भारतीय ग्रंथों में नहीं मिलतीं, वे विदेशी यात्रियों के विवरण से पता चलती हैं।

परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है:

  • विदेशी यात्रियों के नाम बताइए।
  • फाह्यान और ह्वेनसांग की तुलना कीजिए।
  • अल-बिरूनी ने भारत के बारे में क्या लिखा?
  • इब्न बतूता के यात्रा-वृत्तांत का महत्व लिखिए।

 

NCERT कक्षा 12 इतिहास में मुख्य विदेशी यात्री

विदेशी यात्री देश भारत आगमन किसके शासनकाल में
मेगस्थनीज यूनान (ग्रीस) लगभग 302 ईसा पूर्व चन्द्रगुप्त मौर्य
फाह्यान चीन 399–414 ई. चन्द्रगुप्त द्वितीय
ह्वेनसांग चीन 629–645 ई. हर्षवर्धन
इत्सिंग चीन 671–695 ई. हर्ष के बाद
अल-बिरूनी मध्य एशिया (ख्वारिज्म) 1017 ई. महमूद गजनवी
मार्को पोलो वेनिस (इटली) 13वीं शताब्दी दक्षिण भारत
इब्न बतूता मोरक्को 1333 ई. मुहम्मद बिन तुगलक
अब्दुर रज्जाक फारस 1443 ई. विजयनगर
निकोलो कॉन्टी इटली 15वीं शताब्दी विजयनगर
डोमिंगो पेस पुर्तगाल 1520 ई. कृष्णदेवराय
फर्नाओ नूनीज़ पुर्तगाल 1535 ई. विजयनगर

 

1. मेगस्थनीज

(इतिहास के अनुसार भारत आने वाला पहला विदेशी यात्री )

 

मेगस्थनीज कौन थे?

मेगस्थनीज यूनान (ग्रीस) का राजदूत था। उसे सेल्युकस निकेटर ने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा था।

उनके द्वारा लिखित पुस्तक का नाम क्या था ?

इंडिका (Indica)

हालाँकि पूरी पुस्तक आज उपलब्ध नहीं है, लेकिन उसके उद्धरण अन्य लेखकों के माध्यम से मिलते हैं।

भारत के बारे में क्या लिखा?

  • पाटलिपुत्र उस समय दुनिया के सबसे बड़े नगरों में था।
  • राजा के पास विशाल सेना थी।
  • प्रशासन बहुत व्यवस्थित था।
  • कृषि को विशेष महत्व दिया जाता था।
  • सिंचाई की अच्छी व्यवस्था थी।
  • समाज को विभिन्न वर्गों में बाँटकर बताया (हालाँकि उसका वर्णन पूरी तरह सही नहीं माना जाता)।
  • भारत को समृद्ध और व्यवस्थित देश बताया।

इतिहास में महत्व

मौर्यकाल के प्रशासन और समाज की जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण विदेशी स्रोत।

 

2. फाह्यान (Faxian)

कौन थे?

फाह्यान चीन के बौद्ध भिक्षु थे।

भारत क्यों आए?

  • बौद्ध धर्म का अध्ययन
  • बौद्ध ग्रंथों की खोज
  • पवित्र बौद्ध स्थलों के दर्शन

उन्होंने भारत में क्या देखा?

  • गुप्तकाल को शांतिपूर्ण बताया।
  • लोग सामान्यतः ईमानदार थे।
  • अपराध कम थे।
  • सड़कों पर यात्रियों के लिए धर्मशालाएँ थीं।
  • गरीबों की सहायता होती थी।
  • बौद्ध धर्म अभी भी प्रभावशाली था।
  • राजा जनता पर कम कर लगाते थे।

विशेष बात

उन्होंने मुख्य रूप से बौद्ध धर्म पर ध्यान दिया, इसलिए अन्य विषयों पर कम जानकारी दी।

 

3. ह्वेनसांग (Xuanzang)

 

कौन थे?

चीन के महान बौद्ध विद्वान।

भारत कब आए?

629 ईस्वी में।

किसके समय?

सम्राट हर्षवर्धन।

प्रसिद्ध पुस्तक

सी-यू-की (Great Tang Records on the Western Regions)

भारत के बारे में क्या लिखा?

शिक्षा

  • नालंदा विश्वविद्यालय विश्व प्रसिद्ध था।
  • हजारों विद्यार्थी अध्ययन करते थे।
  • प्रवेश परीक्षा कठिन थी।
  • विदेशों से भी विद्यार्थी आते थे।

समाज

  • ब्राह्मणों का सम्मान था।
  • वर्ण व्यवस्था प्रचलित थी।
  • लोग धार्मिक थे।

अर्थव्यवस्था

  • कृषि विकसित थी।
  • व्यापार अच्छा था।
  • नगर समृद्ध थे।

धर्म

  • बौद्ध और हिन्दू दोनों धर्म प्रचलित थे।
  • अनेक मंदिर और मठ थे।

प्रशासन

  • हर्ष न्यायप्रिय शासक था।
  • जनता सुखी थी।

 

4. इत्सिंग (Yijing)

कौन थे?

चीन के बौद्ध भिक्षु।

भारत क्यों आए?

बौद्ध धर्म का गहन अध्ययन करने।

उन्होंने क्या लिखा?

  • नालंदा विश्वविद्यालय की प्रशंसा।
  • भारतीय शिक्षा प्रणाली उत्कृष्ट थी।
  • संस्कृत सीखने पर विशेष बल।
  • बौद्ध भिक्षुओं के जीवन का विस्तृत वर्णन।

 

5. अल-बिरूनी

 

कौन थे?

मध्य एशिया के महान विद्वान।

भारत कैसे आए?

महमूद गजनवी के साथ भारत पहुँचे।

प्रसिद्ध पुस्तक

तहकीक-ए-हिंद (Kitab-ul-Hind)

 

उन्होंने भारत का अध्ययन कैसे किया?

  • संस्कृत सीखी।
  • भारतीय विद्वानों से चर्चा की।
  • भारतीय ग्रंथ पढ़े।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया।

भारत के बारे में क्या लिखा?

समाज

  • जाति व्यवस्था का विस्तार से वर्णन।
  • समाज में ऊँच-नीच का उल्लेख।

विज्ञान

  • गणित और ज्योतिष की प्रशंसा।
  • भारतीय वैज्ञानिक ज्ञान को उच्च स्तर का बताया।

धर्म

  • हिन्दू धर्म के दर्शन को समझाया।
  • भारतीय परंपराओं का सम्मानपूर्वक वर्णन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

उन्होंने केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं लिखीं, बल्कि स्वयं अध्ययन करके लिखा।

 

6. इब्न बतूता

 

कौन थे?

मोरक्को के प्रसिद्ध यात्री।

भारत कब आए?

1333 ईस्वी।

किसके समय?

मुहम्मद बिन तुगलक।

प्रसिद्ध पुस्तक

रिहला (Rihla)

भारत में क्या देखा?

दिल्ली

  • विशाल और समृद्ध नगर।
  • भीड़भाड़ वाले बाजार।
  • विदेशी व्यापार।

प्रशासन

  • सुल्तान अत्यंत बुद्धिमान लेकिन कठोर निर्णय लेने वाला।
  • शाही डाक व्यवस्था तेज़ थी।
  • न्याय व्यवस्था का वर्णन।

समाज

  • विभिन्न धर्मों के लोग रहते थे।
  • महिलाओं की स्थिति के कुछ पहलुओं का उल्लेख।
  • त्योहारों और विवाहों का वर्णन।

व्यापार

  • भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा केंद्र था।
  • चीन, अरब और अफ्रीका से व्यापार होता था।

 

7. मार्को पोलो

कौन थे?

इटली के व्यापारी।

उन्होंने क्या देखा?

  • दक्षिण भारत का व्यापार।
  • मोती उद्योग।
  • मसालों का व्यापार।
  • समुद्री व्यापार की उन्नति।

 

8. निकोलो कॉन्टी

भारत के बारे में

  • विजयनगर साम्राज्य की समृद्धि।
  • बड़े बाजार।
  • सम्पन्न जनता।
  • व्यापारिक गतिविधियाँ।

 

9. अब्दुर रज्जाक

कौन थे अब्दुर रज्जाक ?

फारस के राजदूत।

उन्होंने क्या लिखा?

  • विजयनगर को अत्यन्त विशाल नगर बताया।
  • राजमहल और मंदिरों की प्रशंसा।
  • व्यापार एवं धन-संपत्ति का वर्णन।
  • सुव्यवस्थित प्रशासन का उल्लेख

 

10. डोमिंगो पेस

किसके समय?

कृष्णदेवराय।

क्या लिखा?

  • विजयनगर की सेना।
  • कृषि।
  • सिंचाई।
  • बाजार।
  • त्योहार।
  • राजकीय व्यवस्था।

 

11. फर्नाओ नूनीज़

उन्होंने क्या लिखा?

  • विजयनगर का इतिहास।
  • राजवंशों का वर्णन।
  • युद्ध।
  • प्रशासन।
  • आर्थिक समृद्धि।

 

सभी विदेशी यात्रियों की तुलना :

 

यात्री मुख्य उद्देश्य सबसे महत्वपूर्ण जानकारी
मेगस्थनीज राजदूत मौर्य प्रशासन
फाह्यान बौद्ध धर्म गुप्तकालीन समाज
ह्वेनसांग शिक्षा व धर्म नालंदा, हर्षकाल
इत्सिंग बौद्ध शिक्षा संस्कृत व शिक्षा
अल-बिरूनी अध्ययन भारतीय समाज, विज्ञान
इब्न बतूता यात्रा दिल्ली सल्तनत
मार्को पोलो व्यापार दक्षिण भारत
अब्दुर रज्जाक राजदूत विजयनगर
निकोलो कॉन्टी यात्रा व्यापार
डोमिंगो पेस यात्रा कृष्णदेवराय
फर्नाओ नूनीज़ इतिहास विजयनगर का विस्तृत वर्णन

 

क्या इन यात्रियों की हर बात पूरी तरह सही थी?

नहीं। इतिहासकार इन विवरणों का उपयोग करते समय सावधानी बरतते हैं क्योंकि:

  • कई यात्रियों ने वही बातें लिखीं जिनमें उनकी अधिक रुचि थी (जैसे फाह्यान और इत्सिंग ने बौद्ध धर्म पर अधिक लिखा)।
  • कुछ ने स्थानीय भाषा पूरी तरह नहीं जानी।
  • कुछ विवरण सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थे।
  • इसलिए इतिहासकार शिलालेखों, सिक्कों, पुरातात्त्विक साक्ष्यों और भारतीय ग्रंथों से भी तुलना करते हैं।

 

विदेशी यात्रियों के यात्रा-वृत्तांत प्राचीन और मध्यकालीन भारत के इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। इनसे हमें प्रशासन, समाज, शिक्षा, धर्म, व्यापार, नगरों, कृषि, विश्वविद्यालयों और लोगों के जीवन के बारे में बहुमूल्य जानकारी मिलती है। साथ ही, इन स्रोतों को हमेशा अन्य ऐतिहासिक प्रमाणों के साथ मिलाकर पढ़ना चाहिए, क्योंकि हर यात्री अपने अनुभव, उद्देश्य और दृष्टिकोण के अनुसार लिखता था।

NCERT कक्षा 12 के दृष्टिकोण से सबसे अधिक महत्वपूर्ण यात्री हैं:

  1. मेगस्थनीज
  2. फाह्यान
  3. ह्वेनसांग
  4. अल-बिरूनी
  5. इब्न बतूता