NCERT 9 Class Exam Preparation-Science Notes
कक्षा 9 विज्ञान – हिंदी माध्यम
1. ध्वनि क्या है?
ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है, जो हमारे कानों में सुनने की अनुभूति पैदा करती है।
ध्वनि किसी कंपन करने वाली वस्तु से उत्पन्न होती है।
उदाहरण
-घंटी बजाने पर → घंटी कंपन करती है → ध्वनि उत्पन्न होती है।
-तबला बजाने पर → उसकी झिल्ली कंपन करती है।
-मनुष्य के बोलने पर → स्वर-तंत्र (vocal cords) कंपन करते हैं।
⭐ परीक्षा में याद रखें
कंपन → ध्वनि का उत्पादन
2. ध्वनि का संचरण (चलना)
ध्वनि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
माध्यम हो सकता है:
- ठोस (धातु – लोहा, ताम्बा, पीतल, अलुमिनम )
- द्रव (पानी-तेल)
- गैस (हवा तथा अन्य गैस )
निर्वात (Vacuum) में ध्वनि का संचरण नहीं होता।
(निर्वात मतलब जहाँ कोई भी गैस-हवा /द्रव या ठोस माध्यम न हो)
उदाहरण
अंतरिक्ष में दो व्यक्ति सीधे एक-दूसरे से बात नहीं कर सकते क्योंकि वहाँ आवाज को चलने के लिए कोई माध्यंम नहीं या लगभग निर्वात होता है।
3. ध्वनि तरंग कैसी तरंग है?
वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) के रूप में चलती है।
इसमें माध्यम के कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर होता है।
ध्वनि तरंग में दो मुख्य भाग होते हैं:
संपीडन (Compression)
जहाँ माध्यम के कण पास-पास होते हैं।
विरलन (Rarefaction)
जहाँ माध्यम के कण दूर-दूर होते हैं।
संपीडन → विरलन → संपीडन → विरलन
इसी प्रकार ध्वनि आगे बढ़ती है।
4. ध्वनि तरंग के महत्वपूर्ण शब्द
(A) आयाम — Amplitude
माध्यम के कण का अपनी सामान्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है।
इकाई = मीटर (m)
आयाम अधिक → ध्वनि अधिक तेज/प्रबल सुनाई देती है।
याद रखें:
Amplitude → Loudness
(B) आवृत्ति — Frequency

एक सेकंड में होने वाले पूर्ण कंपनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं।
इसे ν (न्यू) या f से दर्शाते हैं।
इकाई = हर्ट्ज (Hz)
उदाहरण
यदि कोई वस्तु 1 सेकंड में 100 बार कंपन करती है:
आवृत्ति = 100 Hz
5. आवर्तकाल — Time Period
एक पूर्ण कंपन करने में लगा समय आवर्तकाल कहलाता है।
इसे T से दर्शाते हैं।
इकाई = सेकंड (s)
महत्वपूर्ण सूत्र
T=1fT = \frac{1}{f}
और
f=1Tf = \frac{1}{T}
6. तरंगदैर्ध्य — Wavelength
दो लगातार संपीडनों या दो लगातार विरलनों के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं।
इसे λ (लैम्ब्डा) से दर्शाते हैं।
इकाई = मीटर (m)
7. ध्वनि का वेग
ध्वनि द्वारा एक सेकंड में तय की गई दूरी को ध्वनि का वेग कहते हैं।
⭐ सबसे महत्वपूर्ण सूत्र
v=f λ v = f λ
जहाँ:
- v = ध्वनि का वेग
- f = आवृत्ति
- λ = तरंगदैर्ध्य
परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण:
यदि आवृत्ति बढ़ती है और माध्यम समान रहता है, तो तरंगदैर्ध्य कम हो जाता है क्योंकि:
v=f λ v=f λ
माध्यम समान होने पर v v लगभग स्थिर रहता है।
8. ध्वनि की प्रबलता और तारत्व
यह बहुत महत्वपूर्ण अंतर है।
| गुण | किस पर निर्भर करता है? |
|---|---|
| प्रबलता (Loudness) | आयाम |
| तारत्व (Pitch) | आवृत्ति |
आसान ट्रिक-
Amplitude = आवाज कितनी तेज है
Frequency = आवाज कितनी तीखी/भारी है
उदाहरण:
👨 पुरुष की आवाज → सामान्यतः कम आवृत्ति → कम तारत्व ( सुनने में भारी या मोटी )
👩 महिला की आवाज → सामान्यतः अधिक आवृत्ति → अधिक तारत्व ( सुनने में पतली या तीखी )
9. मानव कान की श्रव्य सीमा (सुनने की क्षमता )
मनुष्य सामान्यतः:
20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की ध्वनि सुन सकता है।
20 Hz से कम
अवश्रव्य (Infrasonic) ( जिसे सुना न जा सके )
20 Hz – 20,000 Hz
श्रव्य ध्वनि (Audible Sound)
20,000 Hz से अधिक
पराश्रव्य (Ultrasonic)
याद रखने की ट्रिक-
20 → 20,000 → मानव कान
10. पराश्रव्य (Ultrasonic), ध्वनि के उपयोग
पराश्रव्य ध्वनि का उपयोग कई क्षेत्रों में होता है।
प्रमुख उपयोग:-
-चिकित्सा में अल्ट्रासाउंड (चिकित्सा )
-शरीर के अंदर के अंगों की जाँच (चिकित्सा )
-गर्भ में बच्चे की स्थिति की जाँच (चिकित्सा )
-औद्योगिक वस्तुओं में दरारें खोजने में (मलबे में फंसे लोगों को बचाने में)
-सफाई के लिए (सफाई यंत्रों में )
-SONAR में (समुद्रों में तथा जमीन के भीतर कीमती धातुओं को ढूंढ़ने में, रक्षा रडार में )
11. ध्वनि का परावर्तन
जब ध्वनि किसी कठोर सतह से टकराकर वापस आती है, तो इसे ध्वनि का परावर्तन कहते हैं।
ध्वनि का परावर्तन प्रकाश के परावर्तन जैसा होता है।
नियम-
आपतन कोण = परावर्तन कोण
12. प्रतिध्वनि — Echo
जब परावर्तित ध्वनि हमें मूल ध्वनि के बाद अलग से सुनाई देती है, तो उसे प्रतिध्वनि कहते हैं।
मानव कान को अलग-अलग ध्वनि सुनने के लिए लगभग 0.1 सेकंड का अंतर चाहिए।
इसलिए सामान्य परिस्थितियों में स्पष्ट प्रतिध्वनि के लिए परावर्तक सतह लगभग 17.2 मीटर या अधिक दूर होनी
चाहिए।
⭐ महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न
ध्वनि की गति = 344 m/s
समय = 0.1 s
ध्वनि द्वारा कुल दूरी:
d=v t d = v t d=344×0.1=34.4md=344\times0.1=34.4m
यह दूरी जाने और वापस आने की है।
इसलिए दीवार की दूरी:
34.42=17.2m\frac{34.4}{2}=17.2m
उत्तर = 17.2 m
13. प्रतिध्वनि और अनुरणन
प्रतिध्वनि (Echo)
ध्वनि अलग से दोबारा सुनाई देती है।
अनुरणन (Reverberation)
बड़ी जगह में ध्वनि के बार-बार परावर्तन के कारण ध्वनि कुछ समय तक बनी रहती है।
उदाहरण
खाली कमरे में बोलने पर आवाज कुछ देर तक गूँजती रहती है।
14. SONAR क्या है?
SONAR = Sound Navigation And Ranging
यह समुद्र के अंदर वस्तुओं की दूरी और स्थिति पता करने के लिए पराश्रव्य तरंगों का उपयोग करता है।
SONAR से पता लगाया जा सकता है:
-समुद्र की गहराई
-पनडुब्बी की स्थिति
-समुद्र के अंदर वस्तुओं की स्थिति
सूत्र
d=v t 2 d=\frac {vt} {2}
यहाँ 2 इसलिए क्योंकि तरंग वस्तु तक जाकर वापस आती है।
परीक्षा के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1. ध्वनि क्या है?
उत्तर: ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों में सुनने की अनुभूति उत्पन्न करती है। यह कंपन करने वाली
वस्तुओं से उत्पन्न होती है।
प्रश्न 2. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है?
उत्तर: ध्वनि यांत्रिक तरंग है और इसके संचरण के लिए माध्यम के कणों का कंपन आवश्यक होता है। इसलिए
निर्वात में ध्वनि संचरित नहीं हो सकती।
प्रश्न 3. ध्वनि तरंग अनुदैर्ध्य क्यों कहलाती है?
उत्तर: क्योंकि ध्वनि तरंग में माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करते हैं।
प्रश्न 4. संपीडन और विरलन क्या हैं?
उत्तर: ध्वनि तरंग के उस भाग को संपीडन कहते हैं जहाँ माध्यम के कण पास-पास होते हैं। जिस भाग में कण दूर-
दूर होते हैं, उसे विरलन कहते हैं।
प्रश्न 5. आयाम क्या है?
उत्तर: माध्यम के कण का अपनी सामान्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन आयाम कहलाता है।
प्रश्न 6. आवृत्ति क्या है?
उत्तर: एक सेकंड में होने वाले पूर्ण कंपनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसकी SI इकाई हर्ट्ज (Hz) है।
प्रश्न 7. आवर्तकाल और आवृत्ति में क्या संबंध है?
उत्तर:
T=1f T=\frac{1}{f}
अर्थात आवर्तकाल और आवृत्ति एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती हैं।
प्रश्न 8. ध्वनि की प्रबलता किस पर निर्भर करती है?
उत्तर: ध्वनि की प्रबलता मुख्यतः उसके आयाम पर निर्भर करती है।
प्रश्न 9. तारत्व किस पर निर्भर करता है?
उत्तर: ध्वनि का तारत्व उसकी आवृत्ति पर निर्भर करता है।
प्रश्न 10. मनुष्य की श्रव्य सीमा क्या है?
उत्तर: सामान्य मनुष्य लगभग 20 Hz से 20,000 Hz तक की ध्वनि सुन सकता है।
प्रश्न 11. पराश्रव्य ध्वनि क्या है?
उत्तर: 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि को पराश्रव्य ध्वनि कहते हैं।
प्रश्न 12. निर्वात में ध्वनि क्यों नहीं चल सकती?
उत्तर: ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम के कणों का कंपन आवश्यक है। निर्वात में कोई माध्यम नहीं होता,
इसलिए ध्वनि वहाँ नहीं चल सकती।
महत्वपूर्ण Numerical Questions
प्रश्न 1
किसी ध्वनि की आवृत्ति 500 Hz है। उसका आवर्तकाल ज्ञात कीजिए।
दिया है:
f=500Hzf=500Hz
सूत्र:
T=1fT=\frac{1}{f} T=1500T=\frac{1}{500}
उत्तर:
T=0.002s\boxed{T=0.002s}
प्रश्न 2
ध्वनि की आवृत्ति 1000 Hz और तरंगदैर्ध्य 0.34 m है। ध्वनि का वेग ज्ञात कीजिए।
v=fλv=fλ v=1000×0.34v=1000\times0.34 v=340m/s\boxed{v=340m/s}
एक नजर में
| Topic | याद रखने वाली बात |
|---|---|
| ध्वनि | कंपन से उत्पन्न |
| माध्यम | आवश्यक |
| निर्वात | ध्वनि नहीं चलती |
| तरंग | अनुदैर्ध्य |
| संपीडन | कण पास-पास |
| विरलन | कण दूर-दूर |
| आयाम | अधिकतम विस्थापन |
| आवृत्ति | कंपन/सेकंड |
| आवृत्ति की इकाई | Hz |
| आवर्तकाल | एक कंपन का समय |
| तरंगदैर्ध्य | λ |
| वेग | v=fλv=fλ |
| प्रबलता | आयाम पर निर्भर |
| तारत्व | आवृत्ति पर निर्भर |
| मानव श्रव्य सीमा | 20 Hz–20 kHz |
| Echo | ध्वनि का परावर्तन |
| SONAR | पराश्रव्य तरंगों का उपयोग |
🎯 परीक्षा के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण
इन 8 चीजों को जरूर तैयार करें:
- ध्वनि की परिभाषा
- ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम क्यों जरूरी है
- अनुदैर्ध्य तरंग, संपीडन और विरलन
- आयाम, आवृत्ति, आवर्तकाल और तरंगदैर्ध्य
- v=fλv=fλ
- प्रबलता और तारत्व में अंतर
- 20 Hz–20,000 Hz की श्रव्य सीमा
- प्रतिध्वनि और SONAR के numericals





